500 Notes Rule:हाल के दिनों में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि ₹500 के नोट बंद किए जा सकते हैं। इस खबर से आम लोगों में भ्रम फैल गया है और कई जगहों पर एटीएम से ₹500 के नोट नहीं मिलने की शिकायतें भी आ रही हैं। इस स्थिति ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है। लेकिन क्या वाकई ऐसा कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं आरबीआई और सरकार की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया गया है।
क्या ₹500 के नोट बंद हो रहे हैं?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि ₹500 के नोट 2025 के अंत तक बंद कर दिए जाएंगे। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि एटीएम से अब 500 के नोट निकलने बंद हो गए हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक किसी भी सरकारी संस्था की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
आरबीआई का बयान – नोट बंद नहीं हो रहे
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इन अफवाहों को पूरी तरह से नकार दिया है। आरबीआई ने कहा है कि ₹500 के नोट फिलहाल पूरी तरह वैध हैं और इन्हें बंद करने की कोई योजना नहीं है। आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है और वे इन नोटों का उपयोग पहले की तरह कर सकते हैं।
एटीएम में ₹500 के नोट क्यों नहीं मिल रहे?
कई लोग यह शिकायत कर रहे हैं कि एटीएम से ₹500 के नोट बहुत कम मिल रहे हैं या बिल्कुल नहीं मिल रहे। इसके कारण भी यह अफवाह और तेज हो गई है। दरअसल, आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि एटीएम में छोटे नोटों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को ₹100 और ₹200 के नोट ज्यादा मिल सकें। इसका उद्देश्य लेन-देन को सरल बनाना और नकदी की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने भी बताया झूठी खबर
सरकार की आधिकारिक संस्था PIB Fact Check ने भी स्पष्ट किया है कि ₹500 के नोट को बंद करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही इन खबरों को फर्जी और भ्रामक बताया है। PIB ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
2000 के नोट के बाद क्यों डर गए लोग?
2023 में ₹2000 के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था। उसके बाद लोगों को डर है कि अब ₹500 के नोट भी बंद किए जा सकते हैं। लेकिन उस समय भी आरबीआई ने पूर्व सूचना, समयबद्ध प्रक्रिया और बैंकिंग सिस्टम के माध्यम से ₹2000 के नोट को हटाया था। ₹500 के नोट के संदर्भ में अब तक ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
जनता को सतर्क रहने की सलाह
सरकार और आरबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों जैसे RBI की वेबसाइट, PIB, या प्रमुख समाचार माध्यमों से ही जानकारी लें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। अगर भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्णय लिया जाता है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से और समय रहते दी जाएगी।
अफवाह फैलाना अपराध है
सरकार ने यह भी कहा है कि अफवाह फैलाना एक कानूनी अपराध है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी फैलाता है जिससे समाज में भय, भ्रम या वित्तीय नुकसान हो सकता है, तो उस पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
₹500 के नोट वैध हैं, घबराने की जरूरत नहीं
₹500 के नोट पूरी तरह वैध हैं और चलन में बने रहेंगे। सोशल मीडिया पर चल रही खबरें बेबुनियाद और अफवाह हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी जानकारी को जांचे-परखे बिना शेयर नहीं करना चाहिए।