Land Registry Rules Update:सरकार ने साल 2025 में जमीन की रजिस्ट्री और स्वामित्व से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री करवा लेने से आप मालिक नहीं माने जाएंगे, जब तक कि म्यूटेशन (नामांतरण) प्रक्रिया पूरी नहीं होती। ये बदलाव उन लोगों के लिए बेहद जरूरी हैं, जो प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं।
आइए, जानते हैं इस नए नियम के बारे में आसान और स्पष्ट भाषा में:
सिर्फ रजिस्ट्री से नहीं मिलेगा मालिकाना हक
अब तक यह माना जाता था कि यदि आपने जमीन की रजिस्ट्री करा ली है, तो आप उसके मालिक बन जाते हैं। लेकिन नए नियम के अनुसार, रजिस्ट्री सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज है, यह केवल यह दर्शाता है कि आपने संपत्ति खरीदी है। मालिकाना हक तब तक नहीं मिलेगा जब तक कि म्यूटेशन न हो जाए, यानी सरकारी रिकॉर्ड में आपका नाम दर्ज न हो जाए।
म्यूटेशन अब अनिवार्य कर दिया गया
म्यूटेशन का अर्थ है – जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में नए मालिक के नाम की एंट्री। सरकार ने इसे अब अनिवार्य कर दिया है। बिना म्यूटेशन के न तो आप बैंक से लोन ले सकते हैं, और न ही किसी योजना का लाभ पा सकते हैं। यानी अब म्यूटेशन के बिना आपकी रजिस्ट्री अधूरी मानी जाएगी।
30 दिनों में कराना होगा म्यूटेशन
नए नियमों के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री के 30 दिनों के भीतर म्यूटेशन कराना जरूरी होगा। अगर इस समय सीमा में आप म्यूटेशन नहीं करवाते हैं, तो आपकी रजिस्ट्री अमान्य घोषित की जा सकती है। यह नियम जमीन विवादों को रोकने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
बैंक लोन के लिए भी जरूरी है म्यूटेशन
अगर आप जमीन पर बैंक से लोन लेना चाहते हैं, तो अब सिर्फ रजिस्ट्री की प्रति से काम नहीं चलेगा। आपको म्यूटेशन सर्टिफिकेट भी देना होगा। बैंक तभी लोन देगा जब आप जमीन के वैध और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मालिक होंगे। इससे धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों का खतरा कम होगा।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कर सकते हैं म्यूटेशन
सरकार ने म्यूटेशन प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। अब आप अपने राज्य की भूमि रिकॉर्ड वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें दोनों पक्ष (खरीदार और विक्रेता) के दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर आपके नाम की एंट्री सरकारी रिकॉर्ड में हो जाती है।
प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन में आएगी पारदर्शिता
इन नए नियमों से फर्जी रजिस्ट्री, बेनामी संपत्ति और जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। म्यूटेशन की अनिवार्यता से अब हर लेन-देन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगा, जिससे कानूनी अधिकार और स्वामित्व में पारदर्शिता आएगी। यह बदलाव रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी एक सकारात्मक कदम है।
ये दस्तावेज म्यूटेशन के लिए जरूरी हैं
म्यूटेशन कराने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
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रजिस्ट्री की कॉपी
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आधार कार्ड
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विक्रेता का और खरीदार का पहचान प्रमाण
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भूमि कर रसीद
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बैंक अकाउंट डिटेल्स
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पासपोर्ट साइज फोटो
जमीन खरीद-बिक्री से पहले नए नियम जरूर समझें
अब अगर आप जमीन खरीदने या बेचने जा रहे हैं, तो यह जरूरी है कि रजिस्ट्री के साथ म्यूटेशन भी करवाएं। केवल रजिस्ट्री से आप मालिक नहीं बन सकते। सरकार के इस कदम से भूमि विवादों में कमी आएगी और खरीदार का हक कानूनी रूप से सुरक्षित रहेगा।