UPI transaction tax rules:आज के समय में अधिकतर लोग अपने रोजमर्रा के लेन-देन के लिए UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) का उपयोग करते हैं। चाहे किसी को पैसा भेजना हो या लेना, UPI एक आसान और तेज़ माध्यम बन चुका है। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों के मन में टैक्स को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं। खासकर, अगर आप UPI से ₹50,000 या उससे ज्यादा का लेन-देन करते हैं, तो क्या आपको टैक्स देना पड़ेगा? आइए इस लेख में इसे सरल भाषा में समझते हैं।
UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स – मिथक और सच्चाई
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि UPI सिर्फ एक ट्रांजैक्शन का तरीका है, न कि आय का स्रोत। यानी किसी ने आपको UPI से पैसे भेजे, इसका मतलब यह नहीं कि उस पर टैक्स लगेगा। टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि वह पैसा आपको किस वजह से मिला है – उपहार, इनकम, लोन या किसी सेवा के बदले।
उपहार पर इनकम टैक्स के नियम
अगर आपको किसी गैर-रिश्तेदार से एक साल में ₹50,000 या उससे अधिक का उपहार मिलता है, तो वह रकम आपकी आय मानी जाएगी और उस पर टैक्स देना होगा।
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₹50,000 तक के उपहार टैक्स फ्री हैं।
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लेकिन ₹50,000 से ऊपर की पूरी राशि टैक्सेबल हो जाती है।
उदाहरण: किसी दोस्त ने आपको ₹75,000 UPI से ट्रांसफर किया, तो पूरे ₹75,000 को आपकी आय में जोड़कर टैक्स लगेगा।
कौन-कौन से रिश्तेदारों से उपहार टैक्स फ्री?
सरकार ने कुछ रिश्तेदारों से मिले उपहार को टैक्स से पूर्णतः छूट दी है, जैसे:
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माता-पिता
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भाई-बहन
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पति-पत्नी
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बच्चे और उनके जीवनसाथी
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दादा-दादी, नाना-नानी
इन रिश्तों से चाहे ₹5 लाख मिले या ₹50,000, टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन यह रिश्ता प्रमाणित होना जरूरी है।
शादी के समय मिला उपहार टैक्स फ्री
यदि आपको शादी के समय उपहार मिले हैं, तो वह टैक्स फ्री माने जाते हैं।
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यह छूट नकद और वस्तु दोनों उपहारों पर लागू होती है।
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विवाह से जुड़े दस्तावेज जैसे विवाह कार्ड या फोटो जरूरी हैं।
लेकिन यह छूट सिर्फ शादी पर मिलती है, जन्मदिन या त्योहारों पर नहीं।
मित्रों से मिले पैसे पर क्या टैक्स लगेगा?
यदि कोई मित्र या जान-पहचान वाला ₹50,000 से कम भेजता है तो टैक्स नहीं लगेगा।
लेकिन अगर कुल रकम ₹50,000 से अधिक हो जाती है, तो अतिरिक्त राशि टैक्स योग्य हो जाएगी।
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जैसे: दो दोस्तों से ₹40,000 और ₹30,000 मिले = कुल ₹70,000 → ₹20,000 टैक्सेबल।
व्यावसायिक आमदनी पर टैक्स ज़रूरी
यदि आप UPI के ज़रिए किसी सेवा या व्यापार के बदले पैसे ले रहे हैं (जैसे फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन क्लास, कंसल्टिंग आदि), तो पूरी राशि आपकी टैक्सेबल इनकम मानी जाएगी।
इस पर आपको आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।
उधार और उसकी वापसी टैक्स के दायरे में?
अगर आपने किसी को उधार दिया था और वह UPI से वापस कर रहा है, तो यह आपकी इनकम नहीं है।
लेकिन इसके लिए आपको दस्तावेजों से यह सिद्ध करना जरूरी है कि यह लोन ही था – जैसे एग्रीमेंट, व्हाट्सएप चैट, बैंक स्टेटमेंट आदि।
सरकार की निगरानी और रिपोर्टिंग
सरकार और आयकर विभाग अब डिजिटल लेन-देन पर खास नजर रखते हैं।
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₹2 लाख से ऊपर के लेन-देन की बैंक रिपोर्टिंग अनिवार्य है।
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अकाउंट में बार-बार बड़ी रकम आने से आयकर नोटिस मिल सकता है।
इसलिए सभी UPI ट्रांजैक्शन का उचित रिकॉर्ड रखना जरूरी है।
टैक्स से बचने के कानूनी उपाय
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फर्जी ट्रांजैक्शन से बचें
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उपहार के रूप में मिले पैसे का सही दस्तावेज रखें
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रिश्तेदारों से ट्रांसफर के लिए संबंध प्रमाणित करें
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टैक्स बचाने के लिए धारा 80C, 80D जैसी छूट का उपयोग करें
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ज़रूरत पड़े तो CA या टैक्स सलाहकार से सलाह लें
UPI के माध्यम से ₹50,000 या उससे अधिक का ट्रांसफर करना टैक्स की दृष्टि से तभी मायने रखता है जब वह आपकी आय मानी जाए।
ट्रांसफर का माध्यम नहीं, कारण महत्वपूर्ण है। इसलिए ट्रांजैक्शन करते समय सावधानी रखें और उचित दस्तावेजों के साथ पारदर्शिता बनाए रखें। टैक्स नियमों का पालन करके आप भविष्य की किसी भी जांच से बच सकते हैं